एक बार फिर  तेजी …. मोका या धोका

कोरोना वायरस के खिलाफ भारत सहित पूरी  दुनिया में जंग जारी होने के बीच आज शेयर  बाजार में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली | सेंसेक्स ने 2476.26 अंक (8.97%) और निफ्टी ने 708.40 पॉइंट(8.76%) से ऊपर कारोबार करते हुए क्रमश 30,067.21 पर और 8,792.20 अंको पर बंद हुए । अंकों के हिसाब से यह एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी और प्रतिशत के  हिसाब से मई 2009 के बाद की सर्वाधिक बड़ी तेजी है |

बाजार में इस तेजी के ये प्रमुख कारण माने जा सकते है

देश के विभिन्न राज्यों से भारत में लॉकडाउन बढ़ाने के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से हटाने के संकेत मिलने तथा दुनिया के अन्य सभी देश भी कोरोनावायरस का संक्रमण कम करने और इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय तेज गति से करने से निवेशकों के बीच उम्मीद बढ़ रही है |

स्पेन और इटली ने भी लॉकडाउन से राहत देने का फैसला लिए जाने की खबरों का भी बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा है क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटेंगी |

आज बाजार की तेजी में फार्मा कंपनियों के शेयरों में अच्छीखासी तेजी देखने को मिली क्योंकि सरकार द्वारा पिछले महीने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन सहित 24 दवाओं के निर्यात पर लगाये गये प्रतिबंध को आज हटादिया है जिससे अब भारतीय दावा निर्माता कंपनिया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन को  अमेरिका एवं अन्य कोरोना पीड़ित देशो को निर्यात कर सकेगी । हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन भारत में मलेरिया के इलाज की पुरानी और सस्ती दवा है। हालांकि, पैरासिटामोल पर रोक जारी रहेगी | अब तक इस प्रतिबंध से भारतीय फार्मा इंडस्ट्री का 10 %निर्यात प्रभावित होता था|

 

विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI)  निवेश की सीमा को बढ़ाये जाने के चलते भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के द्वारा लगभग 10 हजार करोड़ रुपये (1.3 अरब डॉलर) के निवेश की खबरों का भी बाजार पर  सकारात्मक असर पड़ा क्योंकि इससे विदेशी फंडों की बिकवाली की रफ्तार के भी थमने की सम्भावना है |

 

रूस और सऊदी अरब के बीच करार और क्रूड उत्पादन घटाने  पर सहमति बनने के संकेत मिल रहे हैं | कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कई तेल उत्पादक देशों की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है | इसका सकारात्मक असर विदेशी शेयर बाजारों में भी रहा |

पिछले सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद सोमवार को जोरदार तेजी रही |

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे ने $991 अरब के राहत पैकेज का ऐलान किया है, जो इसकी जीडीपी के 20 फीसदी के बराबर है | सरकार के इस राहत के बाद का निक्केई में 2% तक की तेजी रही तथा अन्य एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली |

जबकि दूसरी ओर कोरोनावायरस ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया में कहर जारी है । कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के प्रयासों में लॉक-डाउन के चलते दुनिया के अधिकांश देशो की अर्थव्यवस्था ठप्प है | अमेरिका कोरना वायरस संक्रमण के सबसे मुश्किल सप्ताह से गुजर रहा है और मौत का आंकड़ा 10,000 के पार निकल चुका है,जबकि इसके संक्रमण के मामले 4 लाख से अधिक हो गए हैं।. कोरना वायरस के संक्रमण से पीड़ित  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को आईसीयू में भर्ती किया गया है |

यह भी सच है कि वक्त बदलता जरुर है अत: इस कोराना महामारी पर कभी तो काबू पाया जा सकेगा तथा कभी तो अर्थव्यवस्था में सुधार होना शुरू होगा | लेकिन आज की इस तेजी को देखकर बाजार से मंदी का दौर समाप्त हो गया है, या बाजार ने अपना निचला स्तर बना लिया है, अब बाजार में रिकवरी देखने को मिलेगी…. आदि कहना जल्दबाजी होगा |

अत: इस कठिन समय में छोटे निवेशको को शांत रहकर अपनी पूंजी बचाना ही बेहतर होगा  क्योंकि बाजार से अभी डर, अफरातफरी और अनिश्चितता का वातावरण समाप्त नही हुआ है | वर्तमान समय में फार्मा,केमिकल और एफएमसीजी सेक्टर की चुनिन्दा कंपनियों में लम्बी अवधि के लिए निवेश हेतु अवसरों की तलाश की जा सकती है |

घर रहे  – स्वस्थ रहे – सुरक्षित रहे

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