ताली योग ना रहे रोग

                    ताली बजाना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है। रोजाना नियमित रूप से मात्र 10 मिनिट ताली बजाकर कई प्रकार के रोगों से दूर रहा जा सकता है | ताली बाजना एक योग है | हमारे पूर्वज ताली बजाने से होने वाले फायदों को  भाली भाती जानते थे इसलिए उन्होंने इस योग को धर्म के साथ जोड़ते हुए सुबह शाम भगवान की आरती के साथ ताली बजाते थे । अब तो वैज्ञानिकों ने भी माना है कि ताली योग शरीर के लिए अत्यन्त स्वास्थ्यवर्धक है ।

ताली बजाने के नियम

  • ताली योग का अभ्यास किसी भी जगह प्रात:काल और सायंकाल खाली पेट किया जा सकता है लेकिन ताज़ा हवा युकत खुली जगह या पार्क और उद्यान में करना ज्यादा लाभप्रद रहता है |
  • ताली बजाने से पहले हाथों पर नारियल, जैतून, सरसों, तिल, आदि कोई भी तेल लगा लें। दोनों हाथों की हथेलियों को मलते हुए आपस में तीव्र घषर्ण करे |
  • ताली योग के लिए जमीन पर आसन लगाकर पद्मासन या फिर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाये |
  • ताली योग में दोनों हथेलियों को जोर-जोर से एक-दूसरे पर मारना होता है।
  • रोजाना ताली योग करने के आधे भाग समय दोनों हाथो को सामने सामान्य दशा में रखते हुए और आधे भाग समय दोनों हाथो उपर की और करके जोर जोर से ताली बजाये |
  • तालियां बजाने के तुरन्त बाद अथार्त 20-25 मिनिट तक कुछ भी नही खाए और पीयें।
  • इसका अभ्यास करने के लिए हमें अपनी शुरू-शुरू में इसका अभ्यास कम-से-कम 2 मिनट अवश्य करना चाहिए और फिर इसको बढ़ाते हुए लगभग रोज 10 मिनट तक अभ्यास करना चाहिए ।

ताली योग से फ़ायदे

          ताली योग से अनगिनत फायदे होने के कारण यह कहा जाता है कि इस योग से मौत को छोडकर शरीर से सभी तरह की बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है | इसके नियमित अभ्यास से शरीर को होने वाले फायदे उदाहरणार्थ निम्न प्रकार है :-

  • हृदय रोग, श्वास संबंधी रोग, गर्दन दर्द, कमर दर्द, कब्ज और अजीर्ण, भूख ना लगना जैसे रोगों में बहुत लाभ होता है।
  • ताली योग का तीव्र गति से अभ्यास हमारे शरीर का तापमान बढ़ा देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है।
  • शरीर के खून में लाल कण क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
  • अनिद्रा, अवसाद, तनाव, कुंठा, जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण जैसे रोग भी धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं।
  • ताली योग के अभ्यास से सांस फूलना, खर्राटे और श्वास की नलियों की रुकावट भी स्वत: दूर हो जाती है।
  • इस योग को सुबह शाम करने से उगलियों, हाथों का रक्त संचार तीव्र गति से होता है, जो कि सीधे नसों को प्रभावित करता है गठिया रोग के उपचार में अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होता है।
  • हाथों में लकवा और हाथ कापना, हाथ कमजोर होने पर रोज नियमित सुबह शाम ताली योग से समस्या से निदान मिलता है।
  • ताली योग शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में अहम हैं। तालियां बजाने से शरीर में तीव्र रक्त संचार होता है। शरीर का अंग अंग काम करने लगता है।
  • ताली योग से शरीर की नसें और धमिनयों सुचारू हो जाती है | मांस पेशियों का तनाव खिचाव ठीक करने में लाभप्रद है ।
  • इस योग से सिरदर्द (माइग्रेन) मधुमेह नियंत्रण में रहता है।
  • ताली योग का नियमित अभ्यास से बालों के झड़ने से रोकने में भी सहायक होता है।
  • यह योग शरीर की अनावश्यक और अतिरिक्त चर्बी हटाने और मोटापा दूर करने में भी उपयोगी है |
  • ताली योग से स्मरण शक्ति में भी सुधार आता है

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