शेयर कारोबार पर सरकार द्वारा लगाये जाने वाले कर

कुछ दिनों से मीडिया में ऐसी खबर है कि सरकार द्वारा शेयर कारोबार से जुड़े विभिन्न करो में भारी कटौती किये जाने की संभावना है | इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय, नीति आयोग द्वारा समीक्षा की जा रही है और इनमें बदलाव किए जा सकते हैं | वर्तमान में शेयर बाजार कारोबार करने पर सरकार द्वारा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स,डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) लगता है।

इन करो के सम्बन्ध में जानकारी –

1 कैपिटल गेन टैक्स ( Capital Gain Tax)

शेयर या किसी म्युचुअल फंड में किये गये निवेश को बेचने या निकालने पर होने वाले प्रॉफिट को कैपिटल गेन माना जाता है जो करयोग्य होता है | कैपिटल गेन टैक्स दो भागों में बांटा गया है। पहला शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स(STCG) और दूसरा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स |

  • शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स(STCG) क्या है –

शेयर या किसी म्युचुअल फंड में किये गये निवेश को एक साल से पहले ही निकालने या बेचने पर होने वाले प्रॉफिट को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कहा जाता है | यह कर योग्य होता है |

STCG टैक्स दर

यह टैक्स सभी टैक्स स्लैब वालों पर 15% की दर से लगता है।

 लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन LTCG क्या है –

शेयर या किसी म्युचुअल फंड में किये गये निवेश को एक साल के बाद बेचने या निकालने पर होने वाले प्रॉफिट को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है | 2018 के बाद से यह एक प्रकार की कर योग्य आय मानी जाती है |

LTCG टैक्स दर

यह टैक्स 1 लाख से अधिक LTCG होने पर ही लगता है | 1 लाख रुपये तक के प्रॉफिट पर कोई टेक्स  देय नही  है | 1 लाख से अधिक LTCG होने पर 10 फीसद टैक्स देय है ।

2 लाभांश वितरण कर (Dividend distribution tax/DDT)

यह कर आयकर अधिनियम के अनुच्छेद 115-ओ के तहत घरेलू कंपनी द्वारा (विदेशी कंपनी नहीं) शेयर धारको को लाभांश के रूप में घोषित,वितरित या भुगतान की गई किसी भी राशी पर लाभांश वितरण कर (Dividend distribution tax/DDT के लिए करपात्र है। यह कर कम्पनी की कुल आय पर देय कर के अतिरिक्त होगा। यह कर अंतरिम,फ़ाइनल या किसी भी प्रकार का लाभांश हो, लाभांश का वितरण वर्तमान या संचित लाभ पर हो,लागू होगा।

Dividend distribution tax/DDT की दर

   लाभांश भुगतान राशी पर 15% (along with 12 % surcharge and a 3%    Education  cess)

3– सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT)

प्रतिभूति के प्रकार एवं प्रकृति के अनुसार निम्नासुर  सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) लगता है :-

प्रतिभूति का प्रकार लेनदेन का प्रभार STT की दर (%) प्रभारित
Equity Buy (Delivery) 0.1 Purchaser
Equity Sell (Delivery) 0.1 Seller
Derivatives- Future Buy Nil
Derivatives- Future Sell 0.01 Seller
Derivatives-Option Buy NIL
Derivatives-Option Sell 0.05 Seller
Derivative-Option(When Option is exercised) Sell 0.125 Purchaser
Equity Mutual Funds Buy Nil
Equity Mutual Funds- Close Ended/ ETF Sell 0.001 Seller
Equity Mutual Funds- Open Ended Sell 0.001 Seller
Equity Mutual Funds-Intraday (Non-Delivery) Sell 0.025 Seller

 अभी हाल ही में सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दिया। हालांकि सेस जुड़ने के बाद यह 22 फीसदी होता है।

सरकार द्वारा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स,डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में राहत प्रदान की जाती है तो यह शेयर बाजार के लिए सकारात्मक होगी |

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