शेयर बाजार फिर मंदड़ियो की गिरफ़्त में ….!

             शेयर बाजार लगातार गिरावट के चलते आज पांचवें दिन भी  सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए | सेंसेक्स 119.51 अंक गिरकर 36,034.11 पर और निफ्टी 37.75 अंक गिरकर कारोबार के अंत में 10,793.65 पर रहे | अब तक पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स 900 से अधिक अंको का गोता लगा चूका है | गिरावट का आलम ये रहा कि सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। वहीं, निफ्टी के 50 में से 33 शेयरों में गिरावट आई है। रुपये में मजबूती और विदेशी के बाजारों के मिलेजुले रुख के कारण घरेलू बाजार में शुरुआत में तेजी का माहोल रहा |

             रुपये में मजबूती और दुनियाभर के बाजारों से मिक्स्ड ट्रेंड के बीच घरेलू शेयर बाजार में शुरुआत में तेजी नजर आई और कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 222 अंकों की मजबूती के साथ 36375 अंको का और निफ्टी ने 55 से अधिक अंको की तेजी के साथ 10891.65 के स्तर पर कारोबार करते हुये सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे | कारोबार के आखिरी घंटे में बैंकिंग, ऑटो, मेटल ओर फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण बाजार ने तेजी को गंवाते हुये लाल निशान में आ गये | आज निफ्टी ने 10800 अंको के अहम स्तर को तोड़ कर बन्द हुआ |

            आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरो में फिर बिकवाली का दबाव के अलावा आईटी और रियल्टी को छोड़ सभी सेक्टर में बिकवाली नजर आयी | आज सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, एचपीसीएल, आईओसी, एसबीआई शेयर रहे |

         निवेशको को उन कम्पनियों के शेयरों में निवेश से बचना चाहिए, जिन कम्पनियों के प्रोमोटरो ने अपने ज्यादा शेयर गिरवी रखे गए हैं क्योंकि गिरवी शेयर की कीमत गिर जाने पर कर्ज देने वाली कंपनियां गिरवी रखे शेयरों को बेच देती है जिससे शेयरों के भाव और गिर जाते है | अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG)कम्पनियों के शेयर और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों के भाव गिर जाना इसका ताजा उदाहरण है | आज ADAG कम्पनियों के गिरवी रखे शेयरों को एडलवाइज द्वारा बेच दिए के विरुद्ध ADAG कम्पनियों द्वारा जारी याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है |

            अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर पर होने वाली बातचीत के सकारात्मक नतीजे के अलावा बाजार में तेजी के लिए फ़िलहाल कोई ट्रिगर नही है | आम निवेशको ने भी बाजार से दुरी बनाना शुरू कर दिया है | दिसम्बर तिमाही में कम्पनियों के कार्य निष्पादन के मिलेजुले आंकड़ो का असर भी बाजार से समाप्त हो गया है |

          स्मालकैप और मिडकैप की कम्पनियों के शेयरों में खरीद की जा सकती है जिनके शेयर भावो में अत्यधिक गिरावट हुई हो लेकिन कम्पनी के फंडामेंटल मजबूत हो | जैसे – एस्कॉर्ट…

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