“अन्य अनेक अच्छे बैंक और औधोगिक प्रतिष्ठान डूब गए, आपका बैंक बचा रहा और यह नि:संदेह बैंक के बेहतर प्रबन्धन का ही परिणाम था |“

    पंजाब के वित्त आयुक्त श्री एच.जे.मेनार्ड (1913)

                      पिछले वर्ष रू.14,356 करोड़ के नीरव मोदी,मेहुल चोकसी धोखाधड़ी मामले का शिकार होने के बाद,लाला लाजपत राय जैसे दूरदर्शी देश भक्तो के द्वारा 12 अप्रैल,1895 को मात्र रू.20 हजार की पूंजी से स्थापित पंजाब नेशनल बैंक ने घाटे से उभरकर वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में रू.246.51 करोड़ शुद्ध लाभ कमाया है |

                   बैंक द्वारा 5,फरवरी को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का वित्तीय नतीजे जारी किये गये  | वित्तीय नतीजे इस प्रकार रहे है :-

  • बैंक का शुद्ध लाभ 7.12% की बढ़ोतरी के साथ रू.246.51 करोड़ हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में रू.230.11 करोड़ था | जबकि बैंक को पिछली लगातार 3 तिमाहियो में घाटा हुआ है,जो इस प्रकार है :-
जनवरी-मार्च 2018 रू.13,416.91 करोड़
अप्रैल-जून 2018 रू.940.01 करोड़
जुलाई-सितंबर 2018 रू.4,532.35  करोड़
  • जनवरी-मार्च 2018 तिमाही में हुआ घाटा भारतीय बैंकिंग इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा घाटा है।
  • वर्तमान तिमाही में बैंक की कुल आय रू.14,854.24 करोड़ रही जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में रू.15,257.5 करोड़ रही थी। कुल आय में 2.46 % की गिरावट हुई है |
  • शुद्ध ब्याज आय (NII) रू.4,289 करोड़ रही है जो पिछली इसी अवधि में रू.3989 करोड़ थी |
  • ग्रॉस NPA रू.81251 करोड़ से कम होकर रू.77733 करोड़ रहे है |
  • ग्रॉस NPA अनुपात भी 17.16% से कम होकर 16.33% रहा है |
  • नेट NPA अनुपात में भी कमी हुई है जो 8.90%से कम होकर 8.22%रहा है |
  • बैंक ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बैंक ने रू.16,000 करोड़ की रिकवरी की है। यह एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में करीब तीन गुना है। रिकवरी बढ़ने के कारण एनपीए कम हुआ है |
  • वर्तमान तिमाही में बैंक ने एनपीए के लिए रू.2,565.77 करोड़ का प्रावधान किया है जो पिछली तिमाही जुलाई-सितंबर 2018 की तुलना में 67% कम है। जुलाई-सितंबर 2018 रू.7733.27 करोड़ का प्रावधान था |
  • बैंक ने नीरव मोदी धोखाधड़ी के लिए पूरा प्रावधान कर दिया है।

              बैंक के प्रबन्ध निदेशक और कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने कहा कि बैंक के वित्तीय आंकड़े फिर से सकारात्मक दिशा में दिखने लगे हैं। बैंक के वित्तीय नतीजे पटरी पर लौटे हैं। मेहता ने तिमाही नतीजो पर यह भी कहा कि “ हमने अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। बैंक नीरव मोदी के घोटाले से उबर चुका है।“

               पंजाब नेशनल बैंक का इतिहास गवाह है कि कुशल प्रबन्धन और कठिन परिश्रमी मानव शक्ति के साथ-साथ बैंक के ग्राहकों की अटूट आस्था और विश्वास के बल पर पूर्व में भी विभिन्न-विभिन्न प्रकार की आपदाओ का सामना किया है | बैंक की शक्ति की सबसे कठिनतम परीक्षा वर्ष 1947 में देश विभाजन के समय हुई,उस समय बैंक की कुल 281 शाखाओ मेसे लगभग एक तिहाई यानि 92 शाखाये और बैंक की कुल जमा का 40% भाग हाथ से चला गया |

               लेकिन बैंक इस तूफान को भी न केवल सफलतापूर्वक झेल गया बल्कि अपनी अन्तर्निहित मजबूती और संकटों से निपटने की शक्ति से विभाजन के इस नुकसान से उभरकर एक बार फिर से सुद्रढ़ हो गया |

                कलकत्ता के नामी अख़बार “ दि फारवर्ड “ ने अपने 2 फरवरी 1926 के अंक में बैंक के लिए लिखा “पंजाब नेशनल बैंक की बैंकिंग पद्धति ऐसी है कि इसमें कोई त्रुटि नही पाई जा सकती | इसका संचालन आधुनिक बैंकिंग प्रणाली पर आधारित है…..!”

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