टाटा समूह द्वारा वर्ष 1945 में स्थापित टाटा मोटर्स भारत में व्यावसायिक वाहन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है | पिछले 2 वर्षो से कम्पनी के शेयर में लगातार गिरावट चल रही है | टाटा समूह की कम्पनी होने के कारण खुदरा निवेशक ने कम्पनी के शेयरों में अच्छे रिटर्न की आशा से निवेश किया,लेकिन शेयर के भाव लगातार गिरने के कारण हानि हुई है | वर्ष 2018 में कम्पनी के शेयर में 55% से अधिक की गिरावट हुई | वर्तमान में कम्पनी का शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर रू.398.40 से लगभग 56% की भारी गिरावट के साथ रू.175.55 पर ट्रेड कर रहा है |

               शेयर में लगातार गिरावट का मुख्य कारण घरेलू बाजार में वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि नही होना तथा अमेरिका,चीन,युके.आदि देशो में जेएलआर,जगुआर और लैंडरोवर की बिक्री में लगातार गिरावट होना है |

टाटा मोटर्स के माह जनवरी के बिक्री के निम्न आकड़ो ने इस वर्ष के पहले माह में निवेशको को फिर निराश कर दिया है

  • कंपनी द्वारा जारी माह जनवरी की बिक्री रिपोर्ट के अनुसार घरेलू बाजार में वाहनों की बिक्री में 7.61% की गिरावट दर्ज की गई है |
  • जनवरी महीने में घरेलू बाजार में कंपनी के कुल कॉमर्शियल और पैसेंजर 54,915 वाहन बिके हैं। जबकि जनवरी 2018 महीने में कंपनी के कुल 59,441 वाहन बिके थे।
  • कम्पनी के निर्यात बिक्री में 37 % की भारी गिरावट आई है।
  • कम्पनी ने जनवरी 2019 में केवल 3,270 वाहनों का ही निर्यात किया है।
  • घरेलू बाजार में पैसेंजर वाहन के सेगमेंट में कंपनी की बिक्री में 11 % की गिरावट दर्ज की गई है।

कंपनी के जनवरी 2019 महीने में बिक्री 17,826 पैसेंजर वाहन हैं। जबकि जनवरी 2018 में 20,055 पैसेंजर वाहन बिके थे।

जनवरी में टाटा नैनो की एक भी यूनिट नहीं बिकी और इसका प्रोडक्शन भी नहीं किया गया । जबकि  साल जनवरी में नैनो की 83 यूनिट तैयार की गई थीं और 62 गाड़ियां बिकी थीं।

जनवरी माह में जेएलआर,जगुआर और लैंडरोवर की बिक्री में भी गिरावट हुई है |

जेएलआर(UK) की बिक्री जनवरी 2017 की तुलना में 7834 वाहन से घटकर 7722 रही है | जगुआर की बिक्री 7834 वाहन से घटकर 7722 और लैंडरोवर की बिक्री 5660 वाहन से घटकर 5601 रही है |

           कम्पनी के शेयर में अत्यधिक गिरावट होने के बावजूद इसके न्यूनतम स्तर का अनुमान नही लगाया जा सकता है, लेकिन कम्पनी के शेयर में किसी भारी गिरावट की फ़िलहाल सम्भावना नजर नही आ रही है, क्योंकि :–

कम्पनी के अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 की 9 माह की अवधि में कम्पनी की बिक्री पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 21 % अधिक  है |

  • अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 की अवधि में कंपनी के कुल 5,52,887 वाहन बिके हैं। जबकि अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक की अवधि में कंपनी के कुल 458,205 वाहन बिके थे।
  • कम्पनी के अनुसार नेपाल में तरलता संकट, बांग्लादेश में नई सरकार का गठन और श्रीलंका में राजनीतिक अस्थिरता आदि कारणों से निर्यात प्रभावित हुआ है | इसके सुधरने की आगे सम्भावनाये है |
  • कम्पनी के अनुसार अप्रैल 2020 से कंपनी रतन टाटा की ड्रीम कार नैनो का उत्पादन और बिक्री बंद कर सकती है। क्योंकि कंपनी की कोई योजना बीएस-6 के हिसाब अपग्रेड करने की नहीं है।

बाजार की नजर 07 फरवरी को दिसम्बर 18 तिमाही और 9 माह के रिजल्ट घोषित करने हेतु नियत कम्पनी की मीटिंग पर है जो निवेशको के लिए अहम होगी |

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