मीडिया क्षेत्र में देश में अग्रणी एस्सेल समूह की सभी कम्पनियों के शेयर शुक्रवार को धराशायी हो गये | एक ही दिन में शुक्रवार को शेयर बाजार में एस्सेल समूह की लिस्टेड सभी 5 कंपनियों का मार्केट कैप 14,000 करोड़ रुपए से घट गया। वर्ष 1999 के बाद से किसी एक दिन में कंपनी के शेयरों में आई सबसे बड़ी गिरावट है।

एस्सेल समूह की कंपनी शेयर में गिरावट पर एक नजर –

कम्पनी 25 जनवरी को गिरावट रू.(%) 25 जनवरी को भाव (रू.) 52 सप्ताह का उच्चतम भाव (रू.) 52 सप्ताह का न्यूनतम भाव (रू.)
डिश टीवी 11.15 (33.23) 22.40 82.35 20.70
जी एंटरटेनमेंट 114.75(26.43) 319.35 619.00 288.95
जी लर्न      6.45 (19.08) 27.35 48.50 27.05
जी मिडिया 2.05 (8.49) 22.10 45.65 21.30
एस्सेल प्रोपैक 20.75(17.75) 96.15 149.00 84.70

एस्सेल समूह के शेयरों में हुई इस भारी गिरावट के चोकने वाले निम्न कारण सामने आये है :-

  • एस्सेल प्रोपैक में आक्रामक तरीके से दांव लगाने से इस कम्पनी के प्रोजेक्टो में हानि होने के कारण 4000 से 5000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
  • वीडियोकॉन का D2H कारोबार खरीदने का निर्णय भी एक कारण है |
  • IL&FS संकट के बाद से मुश्किलें बढ़ जाना |
  • जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए पूंजी जुटाने के प्रयासों में उत्पन्न बाहरी बाधायें |

अन्य कारण –

  • मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी संस्था सीरीयस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO)जो नित्यांक इंफ्रापावर कंपनी (जिसने नोटबंदी के तुरंत बाद 3,000 करोड़ रुपये जमा कराए थे ) जो कि एक सेल कम्पनी है कि जांच कर रही है,के अनुसार नित्यांक इंफ्रापावर ने एस्सेल समूह की कुछ कम्पनियों के साथ 2015 से 2017 के बीच लेनदेन किया था।
  • मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नित्यांक इंफ्रापावर कंपनी ने साल 2016 के नवंबर में वीडियोकॉन और एस्सेल समूह के बीच हुए सौदे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि एस्सेल प्रोपैक और जी ने अपने द्वारा जारी बयान में नित्यांक इंफ्रापावर कंपनी से एस्सेल ग्रुप का संबंध नहीं होना बताया है।

                इस घटनाक्रम के बाद सुभाष चंद्रा ने बैंकरों, एनबीएफसी और म्यूचुअल फंडों से माफ़ी मांगते हुये कहा है कि मैं बैंकरों, एनबीएफसी और म्यूचुअल फंडों से माफी मांगने को बाध्य हूं क्योंकि मेरा मानना है कि मैं आप लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। साथ ही जी एंटरटेनमेंट की हिस्सेदारी की बिक्री तक धैर्य रखने हेतु अनुरोध करते हुये कहा है कि बिक्री के बाद हम सारा बकाया चुकाने में सक्षम होंगे, लेकिन यदि कर्जदाता हड़बड़ी करेंगे तो इससे उन्हें भी और हमें भी नुकसान होगा।

               सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा है कि “अब तक देश में किसी भी प्रमोटर ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी सबसे शानदार कंपनी को बेचने की पहल नहीं की है, लेकिन वह कर रहे हैं।“लेकिन कुछ तत्व हैं जो इसे सफल नहीं होने देना चाहते। मैं यह नहीं कहता कि मुझसे कोई गलती नहीं हुई। लेकिन मैं हमेशा की तरह नतीजों का सामना करने के लिए तैयार हूं।

            जी समूह की कंपनियों पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जिसमें मुचुअल फंडो का रुपये 7,000 करोड़ और एनबीएफसी का रुपये 5,000 करोड़ का कर्ज है। शेयर बाजार अभी IL&FS संकट से उबर भी नही पाया है कि इस घटना से देश में एक और आर्थिक संकट का खतरा पैदा हो गया है। सोमवार को जी समूह की कंपनियों के साथ-साथ एनबीएफसी कम्पनियों के शेयरों पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है |

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