“वर्तमान में शेयर बाजार एक दशक के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है और यहां हर ठगा हुआ निवेशक बार बार एक ही  सवाल कर रहा है कि “आगे बाजार कैसा रहेगा” परन्तु,इसका जवाब शायद ही बाजार के किसी भी प्रख्यात जानकार के पास हो ? क्योंकि वर्तमान में बाजार की दशा और दिशा बताने में कोई भी सक्षम नही है………..!”

 

                शेयर बाजार में बुधवार की तेजी से निवेशको को नवरात्रि के पहले दिन ही दिवाली का अहसास होने लगा था लेकिन,बाजार में आज फिर से हाहाकार मच गया। बाजार खुलने के साथ ही मंदी की सुनामी आ गयी जिससे निवेशको को में हाहाकार मच गया | मंदी का कहर इतना तेज था कि कारोबार शुरू होने के चन्द मिनटों में ही सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया और केवल पांच मिनट में निवेशकों की 4 लाख करोड़ रुपये की जमा पूंजी स्वाहा हो गयी | बाजार में किस कदर हाहाकार मचा,जिसका अंदाजा निफ्टी के सभी सेक्टरो को लाल रंग में देखकर लगाया जा सकता है।

                    आज की मंदी वैश्विक और एशियाई शेयर बाजारों में हुई भारी गिरावट का परिणाम है क्योंकि वर्तमान के वैश्विक परिवेश में किसी भी देश का बाजार प्रभावित हुये बगेर नही रह सकता है । अमेरिकी शेयरों में रातोंरात आयी भारी गिरावट के परिणामस्वरूप एशियाई देशो के शेयर बाजार भी 5% तक धरासाई हो गए। भारतीय शेयर बाजार में संसेक्स 759.74 अंक यानी 2.19% की गिरावट के साथ 34,001.15 अंको पर और निफ्टी 225.45 अंक यानी 2.16% की गिरावट के साथ 10,234.65 अंको पर बन्द हुये |

       2008 में आयी “लीमन” मंदी के बाद बाजार ने जिस तरह “ V “ प्रारूप में तेजी से सुधार किया था,लेकिन वर्तमान में इसकी सम्भावना भी शून्य के बराबर है | बाजार के जल्दी रिकवरी करने की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि ;-

  • अमेरिका और चाइना के मध्य चल रहा ट्रेड-वार दिन प्रतिदिन उलझता जा रहा है |
  • अमेरिका द्वारा ईरान से कच्चा तेल खरीदने पर लगाये गये प्रतिबन्ध |
  • कच्चे तेल के दाम में तेजी नही थम रही |
  • भारतीय रूपये में जारी कमजोरी के कारण रुपये के निचले स्तर का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है।
  • विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो में लगातार कमी |
  • बाजार की आगे की दशा और दिशा 2019 के चुनाव परिणामो पर निर्भर है |

आज आयी मंदी का अंदाजा बाजार के बड़े-बड़े दिग्गज भी नही लगा पाए है | टेक्निकल चार्ट के जानकार भी आज अचानक आयी बाजार की इस मंदी को प्राकृतिक आपदा ही बता कर निवेशको को दिलासा देंगे | वर्तमान में शेयर बाजार एक दशक के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है और आजकल यहां हर कोई ठगा हुआ निवेशक बार बार एक ही  सवाल कर रहा है कि आगे बाजार कैसा रहेगा,परन्तु इसका जवाब शायद ही बाजार के किसी प्रख्यात जानकार के पास हो ? क्योंकि वर्तमान में बाजार की दशा और दिशा बताने में कोई भी सक्षम नही है |

 

 

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