कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से रुपया कमजोर होकर रोजाना निम्नतम स्तर बनाता जा रहा है | मंगलवार को क्रूड की कीमत 85 डॉलर का स्तर पार कर 85.32 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गयी, जो 4 वर्षो का उच्चतम स्तर है | कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण आज रुपया पहली दफा 74 के पार 74.23 के  स्तर को छुने के बाद 73.77 पर बन्द हुआ | आने वाले दिनों में पूरी सम्भावना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये 75 का स्तर पार कर सकता है |

         कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग से घायल रुपये ने आज सप्ताह के अंतिम दिन भी घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बनाया जिससे बाजार पूरी तरह मंदड़ियों की गिराफ्त में जकड़ता नजर आया | भारतीय रिजर्व बैंक की मुद्रा समीक्षा बैठक में उम्मीद के विपरीत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जिसके कारण बाजार एक बार फिर लहुलुहान होकर ताश के पत्तो की तरह गिरता चला गया |

        सेंसेक्स ने 950 और निफ्टी ने 300 से भी अधिक अंको का गोता लगाकर औंधे मुंह गिर पड़ा और अंत में सेंसेक्स792 अंको की गिरावट के बाद 34376.99 और निफ्टी 282.80 अंको की गिरावट के बाद 10316.45 पर बन्द हुये | स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों की स्थिति और भी ज्यादा खराब रही है |

        आज की गिरावट 2008 के बाद 3 दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी जिससे बाजार में मची अफरा-तफरी से निवेशक डर गए क्योंकि जो आज हुआ  उसकी उम्मीद शायद ही किसी को थी | बाजार की इस दशा का सबसे ज्यादा नुकसान  मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के निवेशकों को हो रहा है |

बाजार का कोई भी जानकर यह बताने की स्थिती में नही है की मंदी कब तक रहेगी ?

 

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