ये आप भी अच्छी तरह जानते है कि, धन कमाना इतना आसान नही जितनी ख्वाबो में कल्पना की जाती है | लेकिन हम थोड़े से ज्ञान, सब्र और अद्यतन (UPDATED) जानकारी और  दीर्घकालीन निवेश के नजरिये को ध्यान में रखकर ख्वाबो और कल्पनाओ के अनुरूप लाभ कमा सकते है |

यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि निवेश के मामले में आपका मानसिक व्यवहार कैसा रहता है | निवेश से सम्बन्धित लेन-देन के समय अनुशासित एवं सयंमित व्यवहार अपनाकर ही अधिकाधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है | आप स्वयं को परखे कि इस प्रकार के निवेशक तो नही है !…

  1. शातिर (BALKING) – ऐसा निवेशक जो शेयर खरीदने के लिए इंतजार नही कर सकता और हाजिर बाजार भाव में खरीदारी करता है | वह यह भी नही देखता है कि बाजार और किसी कम्पनी विशेष के शेयर का रुख क्या है और आगे क्या रहेगा | इस प्रकार के निवेशक के निवेश की लागत बढ़ जाती है |
  2. सांठ – गांठ (COLLUSION) – ऐसा निवेशक जो निवेश करने से पहले मन से इस सांठ–गांठ में रहता है कि एक ही कम्पनी या सेक्टर के शेयर में निवेश करके,बाजार भाव में बडोतरी के साथ सभी तरह के निवेश लाभ जैसे, लाभांश(DIVIDEND) , काल-पुट, फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग आदि के लाभ भी पाना चाहता है | इस प्रकार के निवेशक का निवेश की स्थिति “ सारे अंडे एक ही टोकरी में रखने “ जैसी हो जाती है | निवेश की जोखिम बढ़ जाती है | हो सकता इससे अल्पकालीन लाभ हो परन्तु दीर्घकालीन में लाभ और निवेश दोनों प्रभावित हो सकते है |
  3. छलावा- (JOCKEYING) – ऐसा निवेशक जो निवेश के पश्चात् आशानुरूप लाभ नही मिलने या दुसरो को निवेश पर अधिक लाभ होने की जानकारी मिलने के बाद,इंतजार किये बगेर वर्तमान निवेश से निकलकर अन्य शेयरों निवेश कर देता है और यही प्रक्रीया बार बार दोहराता रहता है | इस प्रकार का निवेशक धर्य में कमी एवं स्वयं के साथ धोखा और छलावा करता है, जिसके कारण अपनी जमा पूंजी से भी हाथ धो बेठता है |
  4. बदलाव- (RENEGING) – ऐसा निवेशक जो शीघ्र एवं अधिक लाभ कमाने के लिए आधारहीन जानकारी/फर्जी सलाह के आधार पर निवेश करते है या निवेश के माध्यमो में बदलाव करते रहते है जैसे,शेयरों में निवेश से कॉमोडिटी में .धातुओं में, मुचुअल फण्ड में आदि मे निवेश के बावजूद भी लाभ नही होने पर आखिर में निवेश करना बन्द कर देता है |

 

आशा है, आप अब  अपनी  किस्मत को दोषी ठहराने की कल्पना भी नही करेंगे |

 

 

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