व्यक्तित्व विकास ****

हर मनुष्य का अलग-अलग व्यक्तित्व होता है, वही उसकी पहचान भी है। कोटि-कोटि मनु्ष्यों की भीड़ में भी वह अपने निराले व्यक्तित्व के कारण पहचान लिया जाता है । यही उसकी विशेषता भी है और व्यक्तित्व भी । प्रकृति का यह नियम है कि एक मनुष्य की आकृति दूसरे से भिन्न है। यह जन्मजात भेद आकृति तक…

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