अच्छे ग्लोबल संकेतो और रुपये में रिकार्ड निचले स्तर से हुये सुधार, थोक मूल्यों पर आधारित महंगार्इ की दर में गिरावट की खबर से बाजार को सपोर्ट मिला. निवेशकों ने शेयरों में चौतरफा लिवाली के कारण से सप्ताह के अंतिम दिवस के कारोबार के दौरान निफ्टी 11,430 से 11,523 अंक के दायरे में रहते हुये 145.30 अंक या 1.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11500 स्तर से उपर 11,515.20 अंक पर तथा सेंसेक्स 372.68 अंको की बढ़त के साथ 38090.64 बंद हुआ | निफ्टी में खास बात यह रही है कि अंतिम 2 कोरोबारी दिनों में इसके निचले स्तर से 300 अंको की बडोतरी देखी गयी | बीएसई के सभी इंडेक्स हरे निशान पर बन्द हुये | संसेक्स की 30 मे से 28 कम्पनियों में बढ़त रही जबकि 2 कम्पनियों के शेयर घाटे में रहे |

अगले सप्ताह इन पर नजर रहेगी –

  • बाजार की दिशा रुपये की चाल से तय होगी |
  • रुपये में गिरावट और बढ़ते चालू खाते के घाटे से देश की अर्थव्यवस्था की सेहत की समीक्षा के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई | इस आर्थिक समीक्षा बैठक के कार्यवृत भी बाजार को प्रभावित करेंगे |
  • अमेरिका ने ईरान से कच्चा तेल खरीदेंने वाले भारत सहित उन सभी देशों और कंपनियों को धमकी दी है जिसमे ईरान से कच्चे तेल के आयात को घटाकर शून्य करना भी शामिल है |भारतीय शेयर बाजार पर इसका भी असर देखने को मिल सकता है |
  • शुगर के न्यूनतम मूल्य बढ़ाने की खबरों के चलते इस सेक्टर के शेयरों में आयीतेजी आगे भी रहने की उम्मीद है |
  • इरकॉन इन्टर नेशनल लि. का आईपीओ 17 से 19 सितम्बर तक निवेशको के लिए खुलेगा |

आगामी सप्ताह में बाजार का कारोबार एक दायरे में रह सकता है | निफ्टी का स्तर 10400 से 10600 अंको और बीएसई सेंसेक्स 37900 से 38,300 रह सकता है | निवेशक सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों पर दांव लगा सकते है |    

 

 

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