सप्ताह के अंतिम दिवस के कारोबार के दौरान निफ्टी 11,603 से 11,484.40 अंक के दायरे में रहते हुये  52.20 अंक या 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,589.10 अंक पर तथा सेंसेक्स 147 अंको की बढ़त के साथ 38389.82 बंद हुआ | साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स तथा निफ्टी में क्रमश: 255.25 अंक या 0.66 प्रतिशत तथा 91.40 अंक या 0.78 प्रतिशत नीचे रहे | निफ्टी में खास बात यह रही है कि अंतिम कुछ कोरोबारी दिनों में इसके निचले स्तर के अंको में क्रमागत बडोतरी देखी गयी |

अगले सप्ताह इन पर नजर रहेगी –

  • अमेरिका और चीन के साथ व्यापार युद्ध आसानी से खत्म होता नजर नहीं आ रहा है जो बाजार के लिए असली चिंताजनक बात है | बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चीन से 200 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू कर सकते हैं |
  • ईराक पर लगाए गए अमरीकी प्रतिबंध के साथ ही तेल उत्पादक मुल्कों के उत्पादन नहीं बढ़ाने के संकेतो से ब्रेंट क्रूड के भावो को मजबूती मिल रही है जिससे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिसका सीधा असर डालर पर पड़ रहा है | भारत के साथ-साथ कई अन्य उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशो कई मुद्रा पर विपरीत रूप से प्रभावित हो रही है |
  • अमेरिका और चीन के साथ ट्रेडवार और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते रुपये में लगातार निचले स्तर का रिकार्ड बनता जा रहा है | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बाजार में ज्यादा दखल नहीं दे रहा हैं | आरबीआई के इस कदम को सकारात्मक रूप से लिया जा सकता है ताकि बाजार फैसला लेने के लिए स्वतंत्रत रह सके | इससे विदेशी मुद्रा भंडार में बगेर छेड़छाड़ के आधार पर रुपये का स्तर तय हो रहा है |
  • वित्त मंत्रालय ने करीब एक दर्जन भर सरकारी कंपनियों के शेयरों का बायबैक करने के लिए चयन किया हैं जिनकी वर्तमान दिशा-निर्देशानुसार नेट वर्थ कम से कम 2,000 करोड़ रुपये है और जिनके पास कम से कम 1,000 करोड़ रुपये नकद के रूप में मौजूद हो | इस सूची में कोल इंडिया, एनटीपीसी, नाल्को,एनएमडीसी, एनएलसी, भेल, एनएचपीसी, एनबीसीसी, एसजेवीएन, केआईओसीएल और हिदुस्तान ऐरोनॉटिक्स जैसे नाम शामिल हैं | इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिलेगी |
  • भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है | यही कारण है कि भारतीय म्यूचुअल फंड्स का एसेट आधार अगस्त अंत तक रिकॉर्ड 25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है | यह स्तर जुलाई महीने के अंत के स्तर से करीब 41 फीसदी अधिक है | एम्फी के मुख्य कार्यकारी एनएस वेंकटेश ने कहा, “रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और जागरूकता अभियान की सफलता के चलेत एसेट आधार में मासिक वृद्धि देखने को मिली रही है|”इसका बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा |
  • सीपीआई (Consumer Price Inflation )अगस्त,आईआईपी (Index of Industrial Productivity) जुलाई के आंकड़े 12सितम्बर को और डब्लूपीआई (Wholesale Price Inflation) जुलाई के आंकड़े 14 सितम्बर को आयेंगे,जिनपर बाजार की नजर रहेगी |

आगामी सप्ताह में भी बाजार में अनिश्चितता का वातावरण ही देखने को मिल सकता है | निफ्टी 11400 से 11600 अंको के दायरे में रह सकता है |

 

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