शेयर बाजारों की पिछले चार कारोबारी दिवसों से जारी तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया | बीएसई सेंसेक्स ने 85 अंको यानी 0.22 %की गिरावट के साथ 38,252 पर, निफ्टी  भी 26 अंक यानी 0.22 % की कमजोरी के साथ 11,557 पर बंद हुआ. मिडकैप इंडेक्स में 57.45 और स्मॉलकैप इंडेक्स में 21.80 अंको  की गिरावट देखी गयी |

                         ट्रेड वॉर के तनाव के बावजूद बीएसई सेंसेक्स ने इस महीने पहली बार 38,487 एवं निफ्टी 50 इंडेक्स ने भी 11,620 के उच्चतम स्तर को छुआ | बाजारों का पीई अनुपात भी उस स्तर पर पहुंच गया है जहाँ से गिरावट कि सम्भावनाये प्रबल हो जाती है | वर्तमान स्तर के आधार पर भारतीय बाजार दुनियांभर के बाजारों में सबसे महंगा बन गया है,फिर भी इसका प्रदर्शन बेहतर रहा है | सेंसेक्स और निफ्टी के उच्चतम स्तरों पर पहुंचने से महंगे वैल्यूएशन ने  गिरावट की चिंता को भी बढ़ा दिया है |

                          बाजार में तेजी जारी रहने की संभावनाओं पर फ़िलहाल एक प्रश्नचिन्ह है | क्योंकि कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया | चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर को लेकर बातचीत बेनतीजा रही है | इसके चीन की घट रही विकास दर और मंहगे होते डॉलर की चिंता के साथ साथ बढ़ते राजकोषीय घाटे ने भी बाजार कि चिंता बढ़ाई है | वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों ने भी ट्रेड वॉर के तनाव से सतर्क रुख अपनाया हुआ है | अमरीका के राष्ट्रपति के विरूद्ध महाभियोग कि खबरों का असर भी बाजार पर देखने को मिलेगा |

                          रक्षा मंत्री की अध्‍यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने शनिवार को 46,000 करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों की खरीद को अपनी मंजूरी दे दी है। इसमें जल सेना के लिए नेवल यूटीलिटी और एंटी-सबमरीन क्षमता वाले हेलीकॉप्‍टर और थल सेना के लिए एडवांस्‍ड टॉ आर्टिलरी गन सिस्‍टम शामिल हैं, अत: आगामी सप्ताह डिफेंस उपकरण निर्माता कंपनियों के शेयरों में हलचल देखी जा सकती है |

                          आरबीआई ने संकटग्रस्त एसेट के समाधान के लिए 12 फरवरी को नए दिशानिर्देश जारी किए थे, मार्च 2018 से लागू इस नियम के तहत  बैंकों को 180 दिन के भीतर 2,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक राशि के बड़े डिफॉल्टर खातों के लिए अपनी योजना को अंतिम रुप देना है। अगर बैंक 180 दिन के भीतर समाधान योजना पेश करने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें डिफॉल्ट खातों के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 अगस्त की समयसीमा तय की थी | अगर सोमवार तक बैंक इसके बारे में कोई समाधान योजना पेश नहीं करते हैं तो फिर उन पर एनसीएलटी यानि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालिया घोषित करने के अलावा कोई उपाय नहीं रह जाएगा। इस कारण बाजार को झटका लग सकता है |

                         आगामी सप्ताह में बाजार गिरावट की संभावनाओं को नकारा नही जा सकता है | निफ्टी का स्तर 10250 से 10400 अंको और बीएसई सेंसेक्स 37900 से 38,200 रह सकता है | निवेशकों को सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाना चाहिए जिनमें कमाई और ग्रोथ स्पष्ट हो |

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