शेयर बाजार में निवेश करना एक कला है और विज्ञान भी | विज्ञान के आधार पर निवेश करके, कला का उपयोग करके शेयर बाजार में सरलता से कमाई की जा सकती है | कला एवं विज्ञान के मिश्रण से,जिसमे थोड़ी सी समझदारी और जानकारी भी समाहित करके नये और पुराने आम निवेशक भी शेयर बाजार में अच्छा लाभ (रिटर्न) कमा सकता है। शेयर बाजार में निवेश करते समय हर आम निवेशक के मन में कई प्रकार के सवाल उठते है जैसे,कहाँ और किस प्रकार की कंपनियों में, कैसे और कितने समय के लिए निवेश करें,निवेश पर लाभ भी होगा या नही ! निवेश में कोई धोखा तो नही हो जायेगा या मेरी मेहनत से कमाई बचत पर उचित लाभ भी मिलेगा या नही ! फण्ड बड़ाओ मंच के अनुभवी विशेषज्ञो के अनुभवो के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश की कुछ आधारभूत एवं महत्वपूर्ण जानकारियां आम निवेशक तक पहुँचाने का प्रयास है ,ताकि आम निवेशक शेयर बाजार को प्रत्यक्ष रूप से जान सके और बेफिक्र होकर निवेश कर सकते हैं।

 

लक्ष्य निर्धारित करे 

निवेशक को सबसे पहले यह तय करना होगा कि,उसके निवेश का लक्ष्य क्या है | दरअसल हमे पता नहीं होता है कि हमारे फण्ड निवेश का लक्ष्य क्या है और पैसा लगा देते हैं। हम अपने फण्ड निवेश को लेकर भावनात्मक हो जाते हैं, जबकि निवेश से जुड़े फैसले दिमाग से लेने पड़ते हैं, न कि दिल से। फण्ड निवेश  करते वक्त जरूरी है कि हमारे दिमाग में कोई न कोई प्लान हो यानी बिना लक्ष्य के निवेश नही करना चाहिये | अथार्त, कितना फण्ड निवेश करना है,निवेश एक बार ही करना है या नियमित रूप से आवधिक आधार किया जा सकेगा,निवेश पर न्यूनतम कितना रिटर्न पाने का लक्ष्य है,क्योंकि निवेश के और भी अन्य विकल्प उपलब्ध है,निवेश कितनी अवधि के लिए किया जायेगा अथार्त, किसी विशेष प्रयोजन जैसे घर खरीदना या बच्चों की पढ़ाई का खर्च इत्यादि। लक्ष्य पता होने पर ही यह तय किया जा सकता हैं कि भविष्य कितने पैसों की जरूरत पड़ेगी। लक्ष्य पता होगा तभी निवेश का सही विकल्प चुन पाएंगे | शेयर में निवेश  के साथ ही उसे बेचने का लक्ष्य तय करना चाहिए ताकि शेयर के टार्गेट प्राइस पर पहुंचने पर ही उसे बेचा जा सके । लक्ष्य की जानकारी के आधार पर ही निवेशक पोर्टफोलियो बनाकर निवेश कर सकता है |

 

छोटे निवेश से शुरुआत करे

लक्ष्य निर्धारित करने के पश्चात नए निवेशकों को अपनी आय और बचत क्षमता के अनुसार ही छोटे निवेश से शुरुआत करना चाहिए | वॉरेन बफे ने निवेशको की क्षमता के लिए कहा है कि “मैं 7-फुट सलाखों के ऊपर से नहीं कूदता : मैं 1-फुट के आस-पास की सलाखों को देखता हूँ जिसे मैं पार कर सकूँ” | नये निवेशको को बाजार की गहन जानकारी नही होने के कारण, ज्यादा झोखिम नही लेना चाहते है तो नए निवेशक अच्छी कंपनियों के आई.पी.ओ. में आवेदन एवं म्यूचुल फण्ड आदि से निवेश की शुरुआत कर सकते है | वर्ष 2016-17 में आये आईपीओ मेसे अधिकांश ने निवेशको को अच्छा रिटर्न दिया है | डी मार्ट के आई.पी.ओ. में निवेशको को 200% से अधिक का  रिटर्न मिला है | छोटे निवश के साथ-साथ SIP के रूप में निवेश करके जोखिम को कम किया जा सकता है | नये निवेशको के लिए CPSE ETF शेयर एक अच्छे विकल्प के रूप में ही |

 

बाजार के बारे ज्ञान अर्जन करे

निवेश क्षमता अनुसार निवेश करने के पश्चात निवेशको को शेयर बाजार एवं कंपनियों के बारे में जानकारी अर्जन करने का प्रयास करना चाहिये क्योंकि,अब निवेशक बन गये है अत: अपने आप को तैयार करें,स्वयं में आत्म-विश्वास जगाये । इसके लिए आप कंपनी की बैलेंस शीट और कंपनियों के नतीजों को पढ़ना और समझना सीखें । वर्तमान में शेयर बाजार से सम्बन्धित जानकारियाँ एवं ज्ञान अर्जन हेतु अनेक विकल्प और माध्यम उपलब्ध है | आर्थिक समाचार पत्र,टीवी के आर्थिक समाचार चेनल एवं BSE/NSE की नेट साईट पर शेयर बाजार और कंपनियों की जानकारियाँ उपलब्ध रहती है | इसके साथ-साथ सरकार/भारतीय रिजर्व बैंक की आर्थिक नीतियों एवं इनमे समय-समय पर बदलाव से सम्बन्धित जानकारियां रखने का प्रयास करना चाहिये ताकि नये एवं पुराने निवेश के निर्णय में उपयोगी हो सके |

 

अपना मजबूत पोर्टफोलियो बनाये

बाजार से सम्बन्धित प्राप्त ज्ञान एवं जानकारियों के आधार पर अधिक लाभ एवं झोखिम को न्यूनतम करने के लिए आत्मविश्वास के साथ स्वयं अपना पोर्टफोलियो बनाए | पोर्टफोलियो बनाते समय निम्न ध्यान रखे :-

  • निवेश की जाने वाले फण्ड को आनुपातिक आधार पर अलग-अलग तरह से शेयर बाजार में निवेश करे जैसे-
  1. मध्यम / दीर्घ अवधि में शेयर निवेश     60%
  2. म्यूचुल फण्ड में निवेश                          20%
  3. आईपीओ में निवेश                               10%
  4. ट्रेडिंग हेतु                                             10%
  • दीर्घ अवधि के लिए निवेश ज्यादा बेहतर होता है । क्योंकि निवेश जितना लंबा होगा, उतनी ही उसमें रिस्क कम होगी। साथ ही निवेश के लिए म्यूचुअल फंड को भी प्राथमिकता दें।
  • निवेशकों को टिप्स के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि उससे नुकसान होने की संभावना है।
  • पोर्टफोलियो के लिए शेयर शेयर चुनने से पहले निवेशकों को कंपनी के बिजनेस के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। कंपनी का पिछले सालो का परफॉर्मेंस साथ-साथ शेयरों का वैल्युएशन भी देखना चाहिए। निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों के शेयर ही पोर्टफोलियो में रखना चाहिए।
  • पोर्टफोलियो में काफी ज्यादा कंपनियों के शेयर नही खरीदें तथा एक ही सेक्टर की ज्यादा कंपनियों में भी पैसा नहीं लगाना चाहिए।
  • झोखिम कम करना है तो एक टोकरी में अपने सभी अंडे मत डालो | अच्छा पोर्टफोलियो वह होता है, जिसमें सभी तरह के निवेश विकल्पों में पैसा डाइवर्सिफाइ हो। अत: पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड रखने का प्रयास करे |

 

धर्य रखे

हमेशा मध्यम / दीर्घ अवधि के लिए अधिक निवेश करें | किसी भी निवेश में “हमेशा के लिए” हमारी पसंदीदा होल्डिंग अवधि है | आज हम जिस पेड़ की छाया में बैठे है  इसकि वजह यह है कि किसी ने बहुत समय पहले ये पेड़ लगाया होगा | शेयर बाजार का भी यह नियम है कि “ अगर आप धर्य नही रखते है तो आपका निवेश और उस पर होने वाला लाभ धर्य रखने वाले निवेशक के खाते में चला जाता है |” अत: सही कंपनियों के शेयरों को चुने और धर्य से बैठे और इन्तजार करे |

 

सावधानी रखे

दोनों पैरों से एक साथ नदी की गहराई का परीक्षण कभी नहीं करें | यानि अपनी सम्पूर्ण निवेश क्षमता का एक साथ निवेश नही करे | यह भी ध्यान रखे कि “एक अति सक्रिय शेयर बाजार,निवेशको के लिये जेबकतरा भी है” | दूसरों के कहने या बोगस मोबाईल मैसेज के आधार पर शेयर ना खरीदें। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले जानकारों से सलाह लें | अगर आप ट्रेडर्स भी है तो यह विडम्बना अवश्य ध्यान में रखे कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग से  सिर्फ 10% निवेशक ही अपने भाग्य से लाभ कमाते है शेष गवांते है | अत गौर करे “नियम नम्बर 1: कभी पैसा मत गंवाइये. नियम नम्बर 2: कभी नियम नम्बर 1 मत भूलिए” | परन्तु  यह भी हमेशा याद रखे कि ”बीते हुए कल की बढ़त या कमी से किसी को भी भविष्य में फायदा नहीं मिल सकता है” | निवेश में अपनी जोखिम क्षमता का पहले से आंकलन अवश्य करे, अथार्त आप कितनी झोखिम ले सकते है तब तक आपको कोई परेशानी नही है | इसके लिए स्टॉप-लोस का अवश्य ध्यान रखे ताकि हानी के स्तर को न्यूनतम रखा जा सके |

 

आत्म विश्वास रखे

अंत में आपके द्वारा पूर्ण ज्ञान,सावधानी एवं परख के साथ किये गये पोर्टफोलियो पर पूर्ण विश्वास एवं स्वयं पर आत्म विश्वास रखे | वारेन बफेट का यह विचार हमेशा दिमाग में रखे कि “मैं हमेशा जनता था कि मैं अमीर होने जा रहा था. ’मुझे कभी एक मिनट के लिए भी इस बात पर शक नहीं हुआ | और जो कुछ वे है पूरी दुनियां के सामने है | हमेशा सकारात्मक बात ही सोंचे और यह हमेशा याद रखे कि” निश्चित रूप से अब आप और अधिक धनवान बनने से कोई नही रोक सकता है और अब आप धनवान बनते जा रहे है |

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